डायरी के पन्ने - Class 12th hindi ( वितान ) Term- 2 Important question

डायरी के पन्ने - Class 12th hindi ( वितान )  Term- 2 Important question

 1- एन फ्रैंक ने अपनी डायरी किट्टी को संबोधित चिट्ठी के रूप में क्यों लिखी होगी ?   

एन फ्रैंक की डायरी से पता चलता है कि उसके मन की बातों को समझने की क्षमता ना तो उसके परिवार के किसी सदस्य में थी और न दूसरे अन्य लोगों में एन फ्रैंक अपने आप को अन्य लोगों से अच्छा समझती थी वह जानती थी कि वह डायरी में जो कुछ ले कर रही है उसे शायद ही लोग पढ़कर समझ पाए इसलिए उसने अपनी गुड़िया किट्टी को संबोधित करते हुए यह डायरी चिट्ठी के रूप में लिखी | 

2- डायरी के पन्ने के आधार पर महिलाओं के बारे में एन फ्रैंक के विचारों पर प्रकाश डालिए ? 

एन को ऐसा लगता है कि महिलाओं पर अन्याय की हद हो गई है पुरुष स्त्रियों को घर में ही बांधकर रखना चाहते हैं जिससे वे उन पर अत्याचार या अपनी हुकूमत चला सके आधुनिक समाज में स्त्रियों ने घर के बाहर अपना कदम रख कर प्रमाण दे दिया है कि वे भी पुरुषों से कम नहीं है अब हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपना सम्मान अर्जित करके दिखा दिया है फिर वह पढ़ाई का क्षेत्र हो या व्यवसाय का स्त्रियों और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती है |  

3- डायरी के पन्ने के आधार पर एन फ्रैंक के जीवन की एक ऐसी घटना का उल्लेख कीजिए जो उसकी मानसिक चिंता को उजागर करती है | 

एन फ्रैंक को जब अपनी बहन मार्ग्रेट से यह ज्ञात होता है कि उसके पिता को ही ए.एस.एस की ओर से बुलावे का नोटिस मिला है इनको बाद में यह पता चलता है कि बुलावा उसके पिता के लिए नहीं बल्कि 16 वर्ष की बहन मार्ग्रेट के लिए था तो उसकी मानसिक चिंता और बढ़ जाती है | 

4- ऐन फ्रैंक कौन थी उसकी डायरी क्यों प्रसिद्ध है ? 

एन फ्रैंक एक सामान्य यहूदी परिवार की साधारण लड़की है एन अपने परिवार के साथ दो वर्ष तक अज्ञातवास में कष्टों को सहते हुए रही | एन ने अपनी डायरी में डर आतंक भूख प्यास मानवीय संवेदना प्रेम घृणा बढ़ती उम्र की आशाएं हवाई हमले का डर पकड़े जाने का डर किशोर मन की कल्पनाएं बाहरी दुनिया से अलग थलग होने का दर्द प्रकृति के प्रति संवेदना मानसिक व शारीरिक जरूरतें हँसी मजाक युद्ध की पीड़ा अकेलापन इत्यादि का वर्णन किया है इसलिए यह एक महत्वपूर्ण स्रोत | 

5- फ्रैंक तथा वान परिवार उबाऊपन दूर करने के लिए अज्ञातवास में क्या - क्या करता था ?  

फ्रैंक तथा वान परिवार अज्ञातवास में उबाऊपन को दूर करने के लिए अंग्रेज़ी या फ्रेंच बोलते और किताबों की समीक्षा करते थे , लेकिन चार - साढ़े चार बजे के बाद वे पढ़ नहीं पाते थे , क्योंकि उस समय उन्हें घर में अँधेरा करना होता था । जिससे उन्हें कोई देख न पाए । इसके अतिरिक्त उनके पास कुछ विशेष करने को तो था नहीं , इसलिए वे बोर हो जाते थे । इससे बचने के लिए वे कभी पहेलियाँ कभी अँधेरे में ही व्यायाम करते थे । वे दूरबीन लगाकर कमरों में भी झाँक लिया करते थे । इन सभी क्रियाकलापों के माध्यम से ही फ्रैंक और वान परिवार अज्ञातवास में अपने उबाऊपन को दूर करने का प्रयास करते रहते थे । 

6- ऐन कौन थी ? उसकी डायरी को इतिहास का महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ क्यों माना जाता है ?  

ऐन फ्रैंक यहूदी परिवार की 13 वर्षीय सबसे छोटी लड़की थी , जो अपने परिवार के साथ नीदरलैंड में रह रही थी । द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान नीदरलैंड पर जर्मनी का अधिकार हो जाने के बाद फ्रैंक परिवार अज्ञातवास में चला गया , क्योंकि इस समय नाजियों की सांप्रदायिक नस्ली घृणा की अग्नि में लाखों यहूदियों को जलना पड़ा । ऐन फ्रैंक की डायरी इतिहास का एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ है , जो नाजी दमन के दस्तावेज़ के रूप में प्रसिद्ध है , यह डायरी इतिहास के सबसे आतंकप्रद , भयावह और दर्दनाक अध्याय के साक्षात् अनुभव को प्रतिबिंबित करती है । ऐन फ्रैंक ने अपनी डायरी में तत्कालीन परिस्थितियों एवं सामाजिक - आर्थिक परिदृश्यों का जीवंत चित्रण किया है ।

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